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Tuesday, 21 October 2014

दोहे एवं उनका विस्तार

१८२५ ईसवी का यह चित्र दर्शा रहा है
कबीर दास और  उनके एक शिष्य को
(http://en.wikipedia.org/wiki/Kabir)

संत कबीर के दोहे 

कबीर दास जी एक संत कवि और समाज सुधारक थे। संत कबीर भारत के भक्ति काव्य परंपरा के महानतम कवियों में से एक थे।  कबीर एक अरबी नाम है, जो अल-कबीर से आता है। इसका अर्थ है - महान - जो कि इस्लाम में अल्लाह का ३७वां नाम भी है। कबीर पंथ - एक ऐसा धार्मिक समुदाय है जो कबीर के सिद्धांतों और शिक्षाओं को अपनी जीवन शैली का आधार मानता है।
एक बात तो है, और वह यह कि संत कबीर के बारे में चाहे जितना भी लिखा या कहा जाए इस ब्लॉग के ज़रिये, अपर्याप्त ही रहेगा। इसी कारणवश मैं इस ब्लॉग में मात्र उनके बहुमूल्य कथन/दोहे (अर्थ समेत) ही प्रस्तुत कर रहा हूँ।